Maa Janaki Mandir: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सीतामढ़ी जिले के पुनौरा धाम स्थित मां जानकी मंदिर के पुनर्विकास के लिए प्रस्तावित नई डिजाइन और परियोजना योजना को साझा किया है. इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य देवी सीता की जन्मस्थली को एक भव्य और आधुनिक तीर्थस्थल में परिवर्तित करना है, जो न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त करेगा, बल्कि बिहार के धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊंचाई देगा.
सीएम नीतीश कुमार ने एक्स (ट्विटर) पर लिखा, “मुझे बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पुनौरा धाम, सीतामढ़ी को समग्र रूप से विकसित किए जाने हेतु भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं का डिजाइन अब तैयार हो गया है, जिसे आपके साथ साझा किया जा रहा है. इसके लिए एक ट्रस्ट का भी गठन कर दिया गया है, ताकि निर्माण कार्य में तेजी आ सके. हमलोग पुनौरा धाम, सीतामढ़ी में भव्य मंदिर निर्माण शीघ्र पूरा कराने हेतु कृतसंकल्पित हैं. पुनौरा धाम में मां जानकी के भव्य मंदिर का निर्माण हम सभी बिहारवासियों के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है.”
मुझे बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि जगत जननी मां जानकी की जन्मस्थली पुनौराधाम, सीतामढ़ी को समग्र रूप से विकसित किए जाने हेतु भव्य मंदिर सहित अन्य संरचनाओं का डिजाइन अब तैयार हो गया है, जिसे आपके साथ साझा किया जा रहा है। इसके लिए एक ट्रस्ट का भी गठन कर दिया गया है ताकि… pic.twitter.com/eG0DQYDR2L
— Nitish Kumar (@NitishKumar) June 22, 2025
भव्य मंदिर की झलक अयोध्या की तर्ज पर
मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर की डिजाइन साझा करते हुए बताया कि यह अयोध्या के श्रीराम मंदिर की भव्यता से प्रेरित होगी. मंदिर परिसर में भव्य मुख्य मंदिर, विशाल प्रवेश द्वार, परिक्रमा पथ, सीता वाटिका और लव-कुश वाटिका जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक स्थल शामिल होंगे. इसके साथ ही मंदिर प्रांगण में 251 फीट ऊंची मां जानकी की प्रतिमा भी प्रस्तावित है, जो देश की सबसे ऊंची देवी मूर्तियों में एक हो सकती है.
आधारभूत संरचना और विकास योजनाएं
मंदिर और उससे जुड़े परिसर के विकास के लिए लगभग 50 एकड़ भूमि अधिग्रहित की जा रही है. इस परियोजना के तहत श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग, प्रसाद ग्रहण केंद्र, पर्यटक सुविधा केंद्र, शौचालय, जल आपूर्ति और विद्युत व्यवस्था व विश्राम गृह जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. इसके अलावा, राम-जानकी पथ को भी अपग्रेड कर अयोध्या-पुनौराधाम-जनकपुर के धार्मिक मार्ग को सशक्त किया जाएगा.

परियोजना का बजट और समयसीमा
इस परियोजना के लिए प्रारंभिक रूप से 72.47 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं और भविष्य में अतिरिक्त बजट का प्रावधान भी किया जाएगा. निर्माण कार्य 2025-2026 तक पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है, जिसका संचालन पर्यटन विभाग द्वारा किया जाएगा.
धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की त्रिमूर्ति
सरकार का यह प्रयास न केवल बिहार की धार्मिक विरासत को संरक्षित करेगा, बल्कि स्थानीय रोजगार, व्यापार और सांस्कृतिक समृद्धि में भी योगदान देगा. यह परियोजना जनकपुर से लेकर अयोध्या तक की धार्मिक चेतना को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगी.

मां जानकी के जन्मस्थल पर बन रहा यह भव्य मंदिर केवल एक धार्मिक संरचना नहीं, बल्कि बिहार के गौरव, संस्कृति और पर्यटन का प्रतीक बनने जा रहा है. सरकार की यह पहल भावनात्मक और सामाजिक रूप से ऐतिहासिक साबित हो सकती है.
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